बुधवार, 29 अगस्त 2018

पतन

बड़े ही अरमान से आठ लाख रुपये देकर शादी किया था। पैसे इकट्ठा करने के लिए अपना पुश्तैनी खेत भी बेच दिया। कुछ कर्ज ब्याज पर भी लिया था। चार साल हो गए शादी के अभी तक कर्ज की भरपाई न हो सकी थी।
सकलदेव अपनी लड़की को बस इसी लिए पढ़ाया - लिखाया  कि उसकी शादी उसकी योग्यता पर हो जायेगी, पर उसकी पढ़ाई - लिखाई धरी की धरी रह गयी थी दहेज के आगे।
सकलदेव के आंखों में आंसू की धार निकल पड़ी जब वह सुना कि उसका दामाद का बाईक दुर्घटना में बच न सका। वह कटे पेड़ की तरह धराशायी होकर जमीन पर गिर गया।
सकलदेव अपनी लड़की और दो साल का नाती को लेकर अपने घर चला आया था। आते समय अपने समधी से बस एक ही बात वह रोते- रोते बोला था कि  - हमें कहीं का ना छोड़ा ये चौधरी!
गिरधारी राम.10.02.2018।

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