राहुल के पापा का ट्रांसफर देहरादून में हो गया था। राहुल के पापा की नौकरी ही ऐसी थी कि हर दो-तीन सालों में ट्रांसफर हो जाता था। देहरादून जाते ही कालोनी में क्वार्टर मिल गया। राहुल की उम्र कोई सात साल की थी। अनुष्का जिसकी उम्र भी पाँच की थी जो राहुल के घर के सामने ही रहती थी। दोनों में जान पहचान बहुत जल्दी हो गया। दोनों जल्दी ही दोस्त बन गए। दोनों एक साथ ही खेलते। सब समय राहुल अनुष्का - अनुष्का करता रहता और अनुष्का का भी यही हाल था वह हमेशा राहुल-राहुल किया करती । राहुल कभी अनुष्का के खिलौने चुरा लाता तो कभी अनुष्का राहुल के खिलौने चुरा लाती। दोनों में लडाई होता और एक पल बिता नहीं कि दोनों फिर एक साथ खेलने लगते।
एक दो साल बीता होगा कि अनुष्का के पापा का ट्रांसफर दूसरी जगह पर हो गया। दोपहर का समय था अनुष्का राहुल के घर आयी, राहुल उस समय स्कूल गया हुआ था, अनुष्का राहुल के चुराए सारे खिलौने लौटा कर बोलीः आंटी ये खिलौने राहुल को दे देना।
राहुल जब स्कूल से आया तो अपने खिलौने पाकर खुश नहीं हुआ। वह अनुष्का को खोज रहा था।
अनुष्का राहुल के खिलौने लौटा कर सारे संबंध तोड़ कर चली गयी थी।
चुराए हुए खिलौने में कितना प्यार था यह अहसास राहुल को बडे़ होने के बाद पता चला था।
गिरधारी राम, सिलीगुड़ी, 02.09.2017.
गुरुवार, 30 अगस्त 2018
अहसास
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